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श्रीकृष्णा जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त 2022 : कैसे मनाए जन्माष्टमी भूल कर भी न करे ये काम नही तो श्रीकृष्ण हो जाएंगे नाराज ?

Introduction :-

श्रीकृष्णा जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त 2022 ,  तो नमस्कार दोस्तो । कैसे है आप सब आशा करते है आप सब ठीक ही होंगे, तो जैसा की आप सब को पता है की श्रीकृष्णा जन्माष्टमी का त्योहार आने वाला है । क्या आपको पता है की श्रीकृष्णा जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त कब है । इसलिए आज आपको बताने ओर समझाने के लिए लेकर आए है आज की हमारी ये सारी जानकारी वाली पोस्ट श्रीकृष्णा जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त 2022 कैसे मनाए जन्माष्टमी भूल कर भी न करे ये काम नही तो श्रीकृष्ण हो जाएंगे नाराज , तो आइये शुरू करते है ।

श्रीकृष्णा जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त : 

सनातन धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का विशेष महत्व है. इस दिन श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. कृष्ण जन्मोत्सव मनाने वाले निसंतान जातकों को श्रीकृष्ण की कृपा से संतान प्राप्ति होती है.

इस दिन देश-विदेश के सभी कृष्ण मंदिरों को फूलों और विद्युत लड़ियों से सजाया जाता है. घरों और मंदिरों में झांकियां सजाई जाती है. बालकृष्ण का श्रृंगार कर कृष्णभक्त रात बारह बजे तक व्रत रखते हैं. बारह बजे शंख, घंटी और घड़ियाल की आवाज से जय श्री कृष्ण का जयकारा करते हैं. महिलाएं सोहर गाती हैं, कीर्तन-भजन होते हैं, देर रात कृष्ण जी की आरती उतारी जाती है और प्रसाद वितरण करते हैं

जन्माष्टमी व्रत पूजा विधि :

जन्माष्टमी के व्रत में अष्टमी तिथि के दिन उपवास पूजन विधि यानी व्रत आरम्भ होकर नवमी के दिन पारण होने के बाद पूर्ण माना जाता है| अष्टमी के एक दिन पूर्व सप्तमी के दिन हल्का और सात्विक भोजन ग्रहण करके अगले दिन अष्टमी तिथि को प्रातः स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें| पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुँह करके बैठ जाएँ और हाथ में जल, पुष्प, अक्षत लेकर सभी देवी देवताओं को प्रणाम करें और इसके बाद जन्माष्टमी व्रत का संकल्प लेकर व्रत प्रारम्भ करना चाहिए ।
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श्रीकृष्णा जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त 2022
श्रीकृष्णा जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त 2022
जन्माष्टमी की पूजा रात्रि काल में होती है| सबसे पहले लड्डू गोपाल की मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराएं, फिर उन्हें सुन्दर, चमकीले, रेशमी वस्त्र व आभूषणों से सजाकर झूले के सिंघासन में विराजित करें| तत्पश्चात भगवान श्री कृष्ण जी की विधिवत पूजा-अर्चना करें| जल, रोली, अक्षत, फल-फूल चढ़ाएं और पंजीरी व पंचामृत का भोग लगाएं| इसके साथ लड्डू गोपाल को माखन, मिश्री का भी भोग लगाएं| धूप-दीप जलाकर आरती करें| फिर प्रसाद खाकर व्रत का पारण करना चाहिए ।
जन्माष्टमी की तिथि को भजन-कीर्तन करके रात्रि जागरण करने का विशेष फल मिलता है| श्री कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा विधि पूर्वक करने से अनंत गुना फल की प्राप्ति होती है| जीवन में सुख शांति और समृद्धि मिलती है ।

श्रीकृष्णा जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त 2022 :

श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है| प्राचीन कथाओं के अनुसार श्री कृष्ण जी का जन्म मथुरा नगरी में भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन हुआ था| भगवान श्री कृष्ण जी का जन्म रोहिणी नक्षत्र में अर्द्धरात्रि को ठीक 12 बजे हुआ था| इस दिन भगवान श्री कृष्ण जी की कृपा प्राप्त करने के लिए उपवास रखकर उनकी पूजा अर्चना करते हैं| इस साल 2022 में श्री कृष्ण जन्माष्टमी तिथि 19 अगस्त, शुक्रवार के दिन मनाई जायेगी| भाद्रपद माह में अष्टमी तिथि 18 अगस्त रात्रि 09 बजकर 20 मिनट पर आरम्भ होगी और अष्टमी तिथि 19 अगस्त रात्रि 10 बजकर 59 मिनट पर समाप्त होगी ।

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